Reproductive Health, जनन स्वास्थ्य

 Reproductive Health (जनन स्वास्थ्य) 


स्वास्थ्य Health -  शरीर की वह स्थिति जिसमें शरीर के सभी अंग सामान्य रूप से कार्य करते हैं तथा शरीर के बाह्य एवं व अंतः वातावरण में पूर्ण संतुलन बना रहता है, स्वास्थ्य कहलाता है।

WHO के अनुसार –

जनन के सभी पहलुओं जैसे शारीरिक ,व्यावहारिक ,भावनात्मक एवं सामाजिक इत्यादि की पूर्ण सकुशलता की स्थिति जनन स्वास्थ्य कहलाती है।

Or

जननांगों की क्रियाशीलता एवं स्वास्थ्य को ही जनन स्वास्थ्य कहते हैं। 

Note- 

7 April को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है।

11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है।

जनन स्वास्थ्य की समस्याएं- संपूर्ण विश्व में भारत एक ऐसा अकेला देश है जिसमें राष्ट्र स्तर पर जनन स्वास्थ्य को एक लक्ष्य के रूप में प्राप्त करने के लिए कार्यक्रमों की शुरुआत की है ।

अधिकांश लोगों को जनन अंगों की संरचना एवं उनके कार्यों के बारे में जानकारी का अभाव।

यौन अपराध।

समाज में यौन संचारित रोगों से संबंधित  अनेक भ्रांतियां हैं तथा सही जानकारी का अभाव है।

लड़का लड़की में भेदभाव।

प्रसव की देखभाल।

कन्या भ्रूण हत्या।

कम  उम्र में विवाह।

गर्भनिरोधक संबंधी जानकारी का अभाव।

जनसंख्या विस्फोट

किसी क्षेत्र की आबादी में होने वाली आकस्मिक वृद्धि को जनसंख्या विस्फोट कहते हैं वर्ष 2019 की जनगणना के अनुसार भारत की जनसंख्या लगभग 136 करोड़ थी। ऐसा माना जाता है की आने वाले कुछ वर्षों में इसकी जनसंख्या सर्वाधिक हो जाएगी। वर्तमान में भारत जनसंख्या की दृष्टि से दूसरे स्थान पर है।

जनसंख्या विस्फोट के कारण -  जनसंख्या विस्फोट या वृद्धि के कारण निम्न हैं –

बाल विवाह- यह जनसंख्या वृद्धि का एक प्रमुख कारक है इसमें शादी कम उम्र में ही हो जाती है जिसके कारण जनसंख्या में वृद्धि होती है। संयुक्त परिवार प्रणाली- संयुक्त परिवार प्रणाली भी जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा देती है क्योंकि इसमें घर का मुखिया सभी प्रकार के खर्चों का निर्वहन करता है।

जन्म दर तथा मृत्यु दर में असंतुलन – हमारे देश में अत्यंत विकसित चिकित्सीय सुविधाएं उपलब्ध है जिसके द्वारा लगातार मृत्यु दर में कमी आ रही है फल स्वरुप जनसंख्या में वृद्धि हो रही है।

गर्म जलवायु - हमारे देश की जलवायु गर्म है जिसके कारण जननांग शीघ्र परिपक्व हो जाते हैं जिसके फलस्वरूप जनसंख्या में वृद्धि होती है।

अशिक्षा- लोगों को जनसंख्या वृद्धि के दुष्परिणाम एवं उससे होने वाली हानियों के बारे में ज्ञात नहीं है जिसके कारण वह जनसंख्या में वृद्धि कर रहे हैं।

अंधविश्वास-  भारतीय समाज में बच्चों को भगवान की देन माना जाता है तथा अधिक बच्चों वाले माता-पिता को भाग्यशाली माना जाता है जिसके कारण जनसंख्या में वृद्धि हो रही है।

पुत्र को महत्व - भारतीय समाज में पुत्र का महत्व पुत्रियों से अधिक माना जाता है जिसके कारण अधिक जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

बेरोजगारी – बेरोजगारी भी जनसंख्या वृद्धि का मुख्य कारण होती है।

जनसंख्या विस्फोट के दुष्परिणाम या हानियां

भारत में लगातार जनसंख्या वृद्धि होने के कारण निम्न वत समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं –

अशिक्षा- अत्यधिक जनसंख्या और महंगाई के कारण लोग अपने बच्चों को विद्यालय भेजने में असमर्थ हैं जिससे लोग अशिक्षित हो रहे हैं।

खाद्य आपूर्ति-  अत्यधिक जनसंख्या के कारण भोजन की आपूर्ति करना प्रमुख समस्या बन गई है।

प्राकृतिक संसाधनों की समस्या- प्राकृतिक संसाधन के स्रोत सीमित है परंतु जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है जिसके परिणाम स्वरूप इनका संतुलन प्रभावित हो रहा है।

आवास की समस्या- लगातार जनसंख्या वृद्धि के कारण आवासीय समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

रोजगार की समस्या - बढ़ती जनसंख्या के कारण लोगों को नौकरी पाने में समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं परिणाम स्वरूप हमारी स्थिति आर्थिक रूप से कमजोर होती जा रही है तथा बेरोजगारी बढ़ रही है।

स्वास्थ्य समस्याएं-  अत्याधिक जनसंख्या के कारण स्वास्थ्य सेवाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पाता है।

जनसंख्या वृद्धि का नियंत्रण

अत्यधिक जनसंख्या किसी भी देश के विकास पर विराम लगा देती है अतएव जनसंख्या वृद्धि पर अंकुश लगाना चाहिए जनसंख्या वृद्धि को निम्न उपायों के द्वारा कम किया जा सकता है-

शिक्षा -  शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा विभिन्न प्रकार की समस्याओं को दूर किया जा सकता है यदि हम लोगों को जनसंख्या वृद्धि से होने वाली हानियों एवं दुष्परिणामों के बारे में अवगत कराएं तो जनसंख्या में नियंत्रण हो सकता है।

बाल विवाह पर रोक लगाकर- बाल विवाह पर रोक लगाकर जनसंख्या वृद्धि को रोका जा सकता है।

छोटा परिवार सुखी परिवार- छोटा परिवार सुखी परिवार को अपनाकर भी जनसंख्या पर नियंत्रण रखा जा सकता है।

वैवाहिक उम्र बढ़ाकर- विवाह की उम्र बढ़ाकर भी जनसंख्या वृद्धि को नियंत्रित किया जा सकता है।

परिवार कल्याण संबंधी कार्यक्रमों को बढ़ावा देकर -जनसंख्या को कम करने के लिए सरकार के द्वारा निम्न प्रावधान चलाने चाहिए-

सीमित परिवार के बच्चों को निशुल्क शिक्षा का प्रावधान।

सरकारी नौकरियों में इन बच्चों को प्राथमिकता।

मुफ्त इलाज।

परिवार नियोजन (family Planning)-  परिवार को सीमित बनाए रखने की प्रक्रिया परिवार नियोजन कहलाती है।अथवा

मानव जनसंख्या की वृद्धि को कम करने के लिए नियोजित तरीके से संतानोत्पत्ति की दर को कम करना परिवार नियोजन कहलाता है।

Need of Family Planning परिवार नियोजन की आवश्यकता – लगातार बढ़ रही जनसंख्या को नियंत्रित करने के लिए परिवार नियोजन की आवश्यकता होती है। इसकी आवश्यकतायें निम्न प्रकार से हो सकती हैं-

छोटा परिवार सुखी परिवार।

पालन पोषण का व्यक्तित्व के विकास पर प्रभाव।

Methods of family Planning 

जनसंख्या को सीमित रखने के लिए परिवार नियोजन को अपनाया जाता है इसकी निम्न  विधियां हैं-

Temporary Method  अस्थायी विधियां 

Permanent methods स्थायी विधियां 

1- Temporary Methods आस्थायी विधियां – ये विधियां निम्नवत हैं –

1- ब्रम्हचर्य और आत्म नियंत्रण-  नर तथा मादा को सुरक्षित काल  में ही लैंगिक संसर्ग करना चाहिए तथा  अन्य समय में आत्म नियंत्रण और ब्रम्हचर्य का पालन करना चाहिए।

2- Barrior Methods बाधा विधियां  - इस प्रकार की विधियों से सीमन ,गर्भाशय के अंदर नहीं पहुंच पाता है जिससे गर्भ का धारण नहीं हो पाता। इसके  अंतर्गत कंडोम, योनि धानी,शुक्राणु नाशक पदार्थ कापर t का प्रयोग किया जाता है।

3- Abortion - चिकित्सा विज्ञान में इसे मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेगनेंसी(M TP )कहा जाता है गर्व को गर्भाशय से निकाल देना abortion (गर्भपात) कहलाता है। इसमें 8 सप्ताह तक के भ्रूण को नष्ट किया जाता है।

4- अंतः गर्भाशयी यंत्र (Intra uterine device/ IUD/Loop - यह छोटा कुंडल नुमाया कुंडलित  यंत्र होता है जो प्लास्टिक, तांबे या स्टील का बना होता है। गर्भधारण को रोकने के लिए यह चिकित्सक द्वारा स्त्री के गर्भाशय की गुहा में स्थापित कर दिया जाता है जिससे शुक्राणु अंडाणु से नहीं मिल पाते हैं।  Ex- Copper-t, Copper -7 etc.

5- Chemical Medicine रासायनिक दवाओं द्वारा- परिवार कल्याण विभाग द्वारा कुछ रासायनिक औषधियां वितरित की जाती है जिन्हे गर्भ निरोधक गोलियां कहते हैं इसके द्वारा गर्भ धारण की संभावनाएं कम हो जाती हैं।जैसे-सहेली ,माला डी, अनवांटिड-72 इत्यादि। 

2-  Permanent methods स्थाई विधियां – फैमिली प्लानिंग एक स्थाई विधि जिसके अंतर्गत शल्य चिकित्सा द्वारा गर्भ की संभावनाओं को रोका जा सकता है यह विधियां बंध्याकरण कहलाती है। यह निम्न है-

1-पुरुष नसबंदी (Vasectomy)- इसके अंतर्गत पुरुषों में शुक्रवार ने को काटकर टांग दिया जाता है जिसके कारण शुक्राणु पेनिस में नहीं पहुंच पाते हैं और गर्भधारण की संभावना समाप्त हो जाती है। 2-Tubectomy महिला नसबंदी - यह पूर्ण स्थाई विधि जिसके अंतर्गत महिलाओं की अंडवाहिनी को काटकर बांध दिया जाता है जिससे अंडाणु  फैलोपियन नलिका में नहीं पहुंच पाते और निषेचन की क्रिया नहीं हो पाती है। 

Medical Termination of Pregnancy or MTP चिकित्सीय संगर्भता समापन - गर्भकाल पूर्ण होने से पूर्व अनचाहे गर्भ की स्वैच्छिक समापन की प्रक्रिया चिकित्सीय संगर्भता समापन कहलाती है। विश्व में जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए MTP की अहम भूमिका है। विश्व में प्रतिवर्ष लगभग 4.5 करोड़ लोग MTP कराते हैं ,जो कुल संगर्भता का 1/5 भाग है।

भारत सरकार ने सन 1971 में इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए कड़े प्रतिबंधों के साथ कानूनी स्वीकृति प्रदान की थी का मूल उद्देश्य गैरकानूनी और मादा भ्रूण हत्या को रोकना था।

MTP का प्रमुख उद्देश्य अनचाहे गर्भ का समापन है जो असुरक्षित यौन संबंध ,गर्भनिरोधक विधियों की असफलता, बलात्कार या गर्भाशय में पलने वाले शिशु में होने वाले रोग से माता या भ्रूण दोनों की जान पर खतरा आदि दशाओं में अनिवार्य है। MTP   के द्वारातीन माह तक  के गर्भ  को समाप्त किया जा सकता है। इसके दुरुप्रयोग के कारण इसे प्रतिबंधित कर दिया गया।

उल्वबेधन Amniocentesis- इसका उपयोग गर्भावस्था में भ्रूण की उपापचय अवस्थाओं की जानकारी के लिए किया जाता है। भ्रूण गर्भाशय में एमनियोटिक तरल में तैरता रहता है। यह तरल भ्रूण को बाहरी आघातों से सुरक्षा प्रदान करता है। इंजेक्शन की सहायता से माता के गर्भाशय से इस तरल को निकाल लेते हैं तथा इस में उपस्थित कोशिकाओं का संवर्धन करने के पश्चात इनके गुणसूत्रों का निरीक्षण करके विकसित हो रहे भ्रूण के विषय में विभिन्न प्रकार की जानकारियां प्राप्त होती हैं। जिससे घातक रोग या गंभीर बीमारियों से ग्रसित भ्रूण को नष्ट किया जा सकता है । इसके द्वारा गर्भाशय के अंदर ही लिंग की पहचान कर ली जाती है।चिकित्सीय संगर्भता समापन द्वारा भ्रूण को नष्ट किया जाता है।




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