Source of light ||ऊर्जा के स्रोत|| Class 10th Science

Sources of Energy ऊर्जा के स्रोत
  Energy ऊर्जा – सभी जीवधारियों को अपनी जैविक क्रियाओं को चलाने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है।जिस प्रकार कोई वाहन बिना ईंधन(पेट्रोल,डीजल) के नही चल सकता ठीक वैसे ही हमारे शरीर को भी ऊर्जा की आवश्यकता होती है और यह ऊर्जा हमे भोजन से प्राप्त होती है।
अर्थात
कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं।

ऊर्जा के विभिन्न रूप  -ऊर्जा के विभिन्न रूप हैप्रकाश ऊर्जा,ऊष्मा ऊर्जा,ध्वनि ऊर्जा, विद्युत ऊर्जा इत्यादि।
ऊर्जा के स्रोत के लक्षण 
 ऊर्जा के निम्न स्रोत हैं –
• यह आसानी से उपलब्ध होना चाहिए।
• यह सस्ता होना चाहिए।
• ज्वलन ताप मान मध्यम हो।
• अधिक धुआं उत्पन्न ना करता हो।
• हानिकारक गैस उत्पन्न ना करता हो।
• उसका कैलोरी मान अधिक होना चाहिए।
• प्रदूषण मुक्त हो।
• आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाया जा सकता हो।
ऊर्जा के स्रोतों का वर्गीकरण
 ऊर्जा के स्रोतों को उनकी उपलब्धता के आधार पर निम्न दो वर्गों में विभाजित किया गया है –
Renewable sources of Energy नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत -  ऊर्जा के वे संसाधन जिन्हें पुनः उत्पन्न किया जा सकता है नवीकरणीय स्रोत कहलाते हैं इन्हें ऊर्जा का गैर परंपरागत स्रोत भी कहते हैं जैसे सोलर ऊर्जा, जल ऊर्जा, वायु उर्जा, बायोमास आदि।
Properties गुण
• यह प्रकृति में स्वतंत्र रूप से विद्यमान होते हैं।
• यह ऊर्जा स्रोत पृथ्वी पर तब तक रहेंगे जब तक सूर्य के द्वारा पृथ्वी पर रोशनी प्राप्त होती रहेगी।
• इनसे कोई प्रदूषण नही होता है।
Non renewable sources of Energy  अनवीकरणीय स्रोत  ऊर्जा के वे स्रोत या संसाधन जिन्हें पुनः उत्पन्न नहीं किया जा सकता है और अनवीकरणीय स्रोत या ऊर्जा के परंपरागत स्रोत कहलाते हैं। जैसे- कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस,जीवाश्म ईंधन इत्यादि।
Properties गुण 
• इनसे बहुत प्रदूषण उत्पन्न होता है।
• इन्हे दोबारा उत्पन्न नहीं किया जा सकता।
• ये सीमित स्रोत हैं
• अधिक उपयोग करने से ये जल्द ही नष्ट हो जाएंगे।
नवीकरणीय और अनवीकरणीय स्रोत में अंतर



ऊर्जा के पारंपरिक स्रोत  ऊर्जा के स्त्रोत जिन्हें हम काफी लंबे समय से प्रयोग में ला रहे हैं ऊर्जा के पारंपरिक स्रोत कहलाते हैं जैसे- जीवाश्म ईंधन, जल ऊर्जा, द्रव्यमान ऊर्जा ,वायु उर्जा इत्यादि।
जीवाश्म ईंधन Fossil Fuels -  जीवों के जमीन अथवा समुद्र तल में दबकर अत्यधिक दाब और ऊष्मा के कारण बने ईंधन को जीवाश्म ईंधन कहते हैं यह तीन प्रकार का होता है –
• कोयला
• पेट्रोलियम
• प्राकृतिक गैस
कोयला Coal – यह एक प्रकार का जीवाश्म ईंधन का रूप है जो कि वनस्पतियों के कारण बनता  है। इसमें कार्बन की अधिकता होती है जिसके आधार पर से तीन भागों में विभाजित किया गया है –
एंथ्रेसाइट- यार की सबसे अच्छी किस्म है इसमें लगभग 94-98% कार्बन उपस्थित होता है। इसका रंग काला होता है।
बिटूमिनस – इसका रंग काला या भूरा होता है।यह मुलायम होता है तथा इसमें लगभग 78-86% कार्बन पाया जाता है।
लिग्नाइट – इसका रंग कत्थई या काला भूरा होता है।यह सबसे घटिया किस्म का कोयला है ।इसमें लगभग 28-30% तक कार्बन पाया जाता है।
कोयले के उपयोग uses of coal
इसके निम्न उपयोग हैं –
• घरेलू ईंधन के रूप में।
• विद्युत ऊर्जा निर्माण में।
• कोल तार, कोल  गैस बनाने में।
पेट्रोलियम  -पेट्रोलियम समुद्री जीव जंतुओं एवम वनस्पतियों के अवशेषों के विघटन से प्राप्त होता है।यह एक प्रकार का काले रंग का चिपचिपा,गाढ़ा, दुर्गन्ध युक्त ज्वलनशील पदार्थ होता है। इसे खनिज तेल भी कहते हैं।यह अनेक हाइड्रोकार्बन का एक जटिल मिश्रण होता है जिसमे नमक, जल एवम मिट्टी के कण मिले होते मिट्टी का तेल,पेट्रोल,डीजल इत्यादि पेट्रोलियम के ही उदाहरण हैं।
LPG( Liquid Petroleum Gas)  यह एक प्रकार का द्रवित ईंधन होता है।इसका निर्माण तीन गैसों प्रोपेन,ब्यूटेन, आइसो ब्यूटेन के द्रवण से होता है।
Advantages of LPG
• यह एक प्रकार का साफ सुथरा ईंधन है।
• वायु प्रदूषण नही होता।
• यह धुआंरहित ईंधन है।
• जलने के बाद विषैले पदार्थ का निर्माण नही होता है।
Dis Advantages of LPG 
• अति ज्वलन शील ईंधन है,अतः  रिसाव से विस्फोट हो सकता है।
• सूंघने से मृत्यु हो सकती है।
Natural gas प्राकृतिक गैस
यह कई गैसों का मिश्रण होता है जिसमें मुख्यतया मीथेन तथा ईथेन गैस होती है।
Advantages
• यह एक साफ सुथरा ईंधन है।
• धुआंरहित ईंधन है।
• वायु प्रदूषण नही होता।
• यह कुओं से पाइपों के द्वारा सीधे घरों में भेजा जाता है।
Uses 
• घरेलू ईंधन के रूप में।
• वाहनों में।
• विद्युत बनाने में।
• कारखानों में।
• खाद्य निर्माण में।
Wind Energy पवन ऊर्जा  -पवनों के द्वारा  प्राप्त होने वाली ऊर्जा पवन ऊर्जा कहलाती है।पवन ऊर्जा के द्वारा पाल वाली नाव चलती है तथा पवन चक्की के द्वारा भूमिगत जल को निकाला जाता है।
पवन टरबाइन के द्वारा पवन की गतिज ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में परिवर्तित किया जाता है और विद्युत उत्पन्न की जाती है।
Advantages of Wind Energy पवन ऊर्जा के लाभ-
• इसमें ईंधन की आवश्यकता नहीं होती है।
• इसके द्वारा एक बड़े स्तर पर विद्युत का उत्पादन किया जाता है।
• इसमें कम लागत लगती है।
• यह प्रदूषण रहित होता है तथा पर्यावरण पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता है।
• यह ऊर्जा का नवीनीकरण स्रोत है।
ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोत
 गैर परंपरागत या वैकल्पिक स्रोत ऊर्जा के वे स्रोत हैं जिनके भंडार असीमित होते हैं। जैसे सौर ऊर्जा, समुद्र की ऊष्मीय ऊर्जा, नाभिकीय ऊर्जा आदि।
सौर ऊर्जा   पृथ्वी पर सूर्य ऊर्जा का मुख्य स्रोत होता है जिसके द्वारा प्राप्त होने वाली ऊर्जा सौर ऊर्जा कहलाती है।
Advantages लाभ 
• यह ऊर्जा का मुख्य स्रोत है।
• यह प्रदूषण रहित होता है।
• इसका भंडार असीमित होता है।
Disadvantages हानियां 
• सौर ऊर्जा के यंत्र या उपकरण महंगे होते हैं।
• बादल होने पर  सौर ऊर्जा पृथ्वी तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाती है।
Tidal Energy ज्वारीय ऊर्जा  समुद्री जल का ऊपर उठना तथा नीचे गिरना ज्वार भाटा कहलाता है इससे जो ऊर्जा प्राप्त होती है उसे ज्वारीय ऊर्जा कहते हैं। इस प्रक्रिया में सर्वप्रथम जल को ज्वार बेसिन में एकत्रित कर लिया जाता है जिसे टरबाइन में भेज कर गतिज ऊर्जा में परिवर्तित कर लिया जाता है बाद में इससे विद्युत का उत्पादन कर लिया जाता है।
  Nuclear energy नाभिकीय ऊर्जा   जब कोई भारी नाभिक किन्ही दो हल्के नाभिको में विखंडित होता है तथा जब कोई दो हल्के  नाभिक मिलकर किसी एक भारी नाभिक का निर्माण करते हैं तो इस प्रक्रिया में जो ऊर्जा उत्पन्न होती है उसे नाभिकीय ऊर्जा कहते हैं।यह दो प्रकार की होती है-
नाभिकीय विखंडन   जब कोई भारी नाभिक किन्ही दो हल्के नाविकों में विखंडित होता है तो उसे नाभिकीय विखंडन कहते हैं इस दौरान बड़ी मात्रा में ऊर्जा उत्पन्न होती है इससे उत्पन्न ऊर्जा द्वारा जल से भाप बनाई जाती है जिसके द्वारा विद्युत जनित्र की टरबाइन घुमाई जाती है इस प्रक्रिया से संबंधित विद्युत संयंत्र भारत में तारापुर(महाराष्ट्र),राणा प्रताप सागर(राजस्थान),नरौरा (उत्तर प्रदेश) में स्थापित किए गए हैं।

 



नाभिकीय संलयन  जब दो हल्के नाभिक मिलकर या संयुक्त होकर एक भारी नाभिक का निर्माण करते हैं तो उसे नाभिकीय संलयन कहते हैं।इसमें नाभिकीय विखंडन की अपेक्षा कई गुना अधिक ऊर्जा प्राप्त होती । हाइड्रोजन बम और सूर्य की ऊर्जा नाभिकीय संलयन पर आधारित ऊर्जा हैं।
Advantages 
• इसमें कम खर्च में अत्यधिक ऊर्जा उपलब्ध होती है।
• अपशिष्ट पदार्थों का पुनः उपयोग संभव है।
Disadvantagesनाभिकीय कचरा बहुत ही हानिकारक होता है।तथा कोई भी दुर्घटना बहुत हानि पहुंचा सकती है।
नाभिकीय संलयन और  नाभिकीय विखंडन में अंतर


Post a Comment

Previous Post Next Post